DDOS Attacks क्या है? (DDOS in Hindi)

मैंने पिछले पोस्ट में आपको हैकिंग के बारे में कुछ जानकारी दी है जिसे हमने DDOS Attacks के बारे में बात की आखिर यह DDOS Attack होता क्या है और DDOS Attacks करने वाले को इससे फायदा क्या है इसी के बारे में आज हम इस लेख में चर्चा करेंगे।

DDOS का फुल फॉर्म Distributed Denial of Service Attack है। DOS का फुल फॉर्म होता है “Denial of Service” ,अब इसका नाम ही बहुत कुछ बता देता है मतलब किसी सर्विस को देने से इंकार करना, अगर कोई किसी वेबसाइट पर DDOS Attack करता है तो वेबसाइट का सर्वर जाम हो जायेगा और कार्य करना बंद कर देगी अथवा जाम हो जाएगी या फिर बंद हो जाएगी।

What is DDOS Attacks in Hindi

इस तकनीक का उपयोग करके, एक DDOS Attacker साइट पर बड़ी मात्रा में ट्रैफ़िक भेजकर एक वेबसाइट को निष्क्रिय कर सकता है। तो चली दोस्तों DDOS अटैक के बारे में गहराई से जानते हैं और इससे क्या नुकसान और क्या फायदे होते हैं अगर आपको इसके बारे में बिल्कुल भी जानकारी नहीं है तो आप बिल्कुल सही लिख पढ़ रहे हैं।

DDoS Attack क्या है?

Denial of Service एक Effective Hacking Technique है जो हैकर समूह द्वारा बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। आमतौर पर हैकर्स इस तकनीक का इस्तेमाल एक सर्वर पर बड़ी मात्रा में Web Traffic भेजने के लिए करते हैं। जिसकी वजह से सर्वर ऐसे Load को Handle नहीं कर पा रहा है और लोग उस वेबसाइट को खोल नहीं पा रहे हैं, यानी Server Down हो जाता है।

DDOS Attack किसी वेबसाईट को धीमा कर सकता है या फिर कुछ समय के लिए बन्द भी कर सकता है। Denial of Service या DDOS Attacks तकनीक को 1998 में खोजा गया था।

DDoS Attacks का उपयोग क्यों किया जाता है?

  • सर्वर की बैंडविड्थ, डिस्क स्पेस और प्रोसेसर टाईम खत्म करने के लिए।
  • Confirguration जानकारी को खराब करने के लिए।
  • उपयोगकर्ता को साईट से दूर रखने के लिए।

DDOS Attack के प्रकार क्या हैं?

1. Ping of Death Attack

पिंग ऑफ डैथ (Ping of Death) में सर्वर को अवैध Ping के Packet भेजे जाते हैं, इसकी वजह से सिस्टम क्रैश हो सकता है।

2. SYM Flood Attack

सिम फ्लड में सर्वर को बहुत ज़्यादा मात्रा में गलत Sender Address के साथ TCP/IP Packets भेजे जाते हैं।

3. Teardrop Attack

Teardro Attack में ऑपरेटिंग सिस्टम के Bugs/Virus को Exploit किया जाता है।

4. Peer-to-Peer Attack

पीयर-टू-पीयर हमले में सीधे हमलावर शामिल नहीं होता है, इसके बजाय वह एक मास्टर के रूप में कार्य करता है और पीड़ित की वेबसाइट से जुड़ने के लिए क्लाइंट को निर्देशित करता है।

Dos Attack से कैसे बचें?

इस तरह के हमले से बचने के लिए, हम अपने Router के Access-List को इस तरह से कॉन्फ़िगर कर सकते हैं कि वह एक आईपी से आने वाले डेटा-पैकेट को एक सीमा तक Accept कर ले और बाकी को छोड़ दे।

इसके अलावा, हम आईपी को फ़ायरवॉल से ब्लॉक कर सकते हैं जो अवांछित ट्रैफ़िक का कारण बन रहा है।

DDos हमलों से बचने के लिए आपको कुछ बुनियादी सुरक्षा सर्वोत्तम कारणों के साथ अपनी वर्डप्रेस वेबसाइट को DDOS Attacks के खिलाफ सुरक्षा करना चाहिए।

सबसे पहले तो आप अपने राउटर को सुरक्षित करना है, इसके लिए आप VPN का इस्तेमाल कर सकते हैं, इसलिए कोई भी आपके आईपी पते को Target न करें।

उसके बाद आपको अपनी वेबसाइट को DDoS हमलों से बचाने के लिए कुछ सुरक्षा शर्तों का उपयोग करना होगा। जैसे कि प्रति सेकंड अनुरोध सीमा निर्धारित करना।


इस लेख में हमने चर्चा की है कि DDoS Attack क्या है और यह कैसे काम करता है, DDoS Attacks से कैसे बचें? विस्तार से जाने के लिए आदि। आशा है आपको यह जानकारी पसंद आएगी।

क्योंकि इस लेख को पढ़ने के बाद आपने DDoS Attacks के बारे में सब कुछ जान लिया होगा। साथ ही, अब आपको यह समझना चाहिए कि समस्या क्या है और समाधान क्या है।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *