सोया के बीज के फायदे - Dill Seeds Benefits

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November 23, 2023 (1y ago)

सोया के बीज में कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं जैसे पाचन में सुधार, गैस और अपच की समस्या में राहत, वजन घटाने में मददगार। जानिए सोया के बीज खाने के फायदे और नुकसान हिंदी में।

सोआ के फायदे क्या हैं सोआ का अर्थ कि Dill Seeds Benefits क्या है और इसके स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानकारी। जानिए हमारे लिए इसके बीज से लेकर पतिया भी फायदेमंद है। यह भी एक प्रकार का औषधीय पौधा है जिसके बारे में आप पूरी जानकारी इस लेख में पढने वाले है।

Dill Seeds (सोआ का बीज)

सोआ अजवाइन परिवार एपियासी में एक वार्षिक जड़ी बूटी है। यह एनेथम जीनस की एकमात्र प्रजाति है। डिल यूरेशिया में व्यापक रूप से उगाया जाता है, जहां इसकी पत्तियों और बीजों का उपयोग भोजन के स्वाद के लिए जड़ी-बूटी या मसाले के रूप में किया जाता है।

  • यह बिज एक प्राचीन भारतीय मसाला है। इसका वानस्पतिक नाम (वनस्पति नाम) एनेथुम सोवा और पेर्डेनम ग्रेवोलेंस है।
  • अलग अलग भाषाओं में इसे अलग अलग नामों से जाना जाता है जैसे की अंग्रेजी में इसे डिल प्लांट या फिर भारतीय डिल कहते हैं, बंगला में इसे सलुका कहते हैं, हिंदी में सोयो और तमिल में सतक्कुपी कहते हैं।
  • ये एक ऐसी जड़ी बूटी है जो न केवल भोजन का स्वाद बढ़ाता है बल्कि आपको स्वस्थ रखने में भी मदद करता है।

सैकड़ों वर्षों से इसका इस्तेमाल औषधीय के लिए किया जा रहा है। इसमें कई तरह के औषधीय गुण पाए जाते हैं। इस बीज से निकाले हुए तेल और पूरे पौधे का इस्तेमाल भारतीय व्यंजन में किया जाता है। यह मुख्य रूप से शोधन विकारों में प्रयोग किया जाता है। सोआ के बीज मुख्य तो तेज और स्वादिष्ट स्वाद के लिए उपयोग किए जाते हैं।

सोया के बीज के फायदे

सोआ के बीज के फायदे आयुर्वेदिक इलाज में भी डिल लीफ और सीड का उल्लेख देखने को मिलता है। इसलिए भी इसके बिज का इस्तेमाल हमारे खान पान में देखने को मिलता है। तो चलिए दोस्तों जानते हैं कि Dill Seeds Ke Benefits के बारे में विस्तार पूर्वक:

1. पाचन में सुधार लाता है

सोआ एक रेचक (सहायक) के रूप में कार्य कर के आपकी पाचन तंत्र के कामकाज में सुधार लाता है। ये आपके आंतों को शुद्ध करके उसके कामकाज में सुधार लाता है। इसका रस भारी खाद्य पदार्थों के शोधन में सुधार करने में मदद करता है साथ ही इन शरीर को आसानी से पोषक तत्वों को अवशोषित करने में मदद करता है। और इसलिए इसके बिज का उपयोग हमारे भारतीय खाने में कई सौ सालों से होता आ रहा है।

2. कैंसर में फायदेमंद

इसके तेल में अन्य एंटीऑक्सीडेंट कैंसर से मौजूद है। यदि कैंसर जैसी बीमारी से बचना है तो लोगो को अपने रोज़ाना के भोजन में शोआ के बीज को जोड़ लेना चाहिए ताकि वे इसके गुणों का फायदा उठा सकें। अच्छा होगा की आप पहले कैंसर रोग के लक्षण को फैलाने और समय रहते इसका इलाज शुरू करे।

3. अच्छी नींद के लिए फायदेमंद

अनिद्रा इन दिनों लोगों के बीच एक आम बीमारी हो गई है। शोआ का बीज इस बीमारी को दूर करने में आपकी मदद कर सकता है और आपको रातो में एक अच्छी नींद प्रदान कर सकता है। एंजाइमों और विटामिन बी जैसे तत्वों से भरा होता है, ये डिल के बीज एक शामक (अटारैक्सिक) के रूप में कार्य करता है जो की आपके पुरे शरीर को आराम दे कर एक अच्छी नींद दिलाने में मददगार होता है।

4. गठिया में फायदेमंद

शोआ को एक लंबे समय से जड़ी बूटी के रूप में जाना जाता है। यह सूजन को कम करने में मदद करता है साथ ही साथ ये संधिशोथ, गाउट जैसे रोगों के दर्द में भी फायदेमंद होता है। अगर इसकी सही मात्रा में और नियमित प्रयोग किया जाए तो यह गठिया रोग से छुटकारा दिलता है।

5. दस्त में फायदेमंद

इसके बीज में फ्लेवोनोइड और मोन्टरैपेनस पाया जाता है जो बहुत ही शक्तिशाली एंटी बैक्टीरियल एजेंट के रूप में कार्य करता है। शोधन गुणों से भरपुर डिल के बीजों को पेट से जूरी कई समस्याओं के लिए अच्छा उपाय माना जाता है। यह न केवल संक्रमण से छुटकारा पाने में मदद करता है, बल्कि ये आपके पाचन तंत्र के कार्य को सही करने में मददगार होता है। यही नहीं यह आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत करता है।

6. मधुमेह में फायदेमंद

डिल लंबे समय से डाय और इंसुलिन के स्तर के प्रबंधन के साथ जुड़ा हुआ है। एक शोध द्वारा पता चला है की डिल का बीज Corticosteroid इंड डाय में सेरम लिपिड और इंसुलिन के स्तर के उतार-चढ़ाव को कम करने में मदद करता है।

See Also: Dill Seeds for Weight Loss सोया के बीज वजन घटाने के लिए

आपको आज की पोस्ट कैसी लगी, आज हमने आपको बताया डिल बीज के उपयोग और Dill Seed Ke Fayde Kya Hai बहुत आसान शब्दों में, हमने आज की पोस्ट में भी सीखा।

सोया की खेती हल्की दोमट मिट्टी को छोड़कर सभी प्रकार की जल निकासी वाली मिट्टी में की जा सकती है। इसे मध्य सितंबर से मध्य अक्टूबर तक बोया जाता है।

वहीं अगर मात्रा और बीजों की दूरी की बात करें तो सिंचित क्षेत्र के लिए 4 किलो बीज प्रति हेक्टेयर पर्याप्त होता है।  अपने आस-पास आप जंगली सोया को भी देख सकते है

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