दुनिया के सात अजूबे (7 Wonders of The World)

दुनिया के सात अजूबे दुनिया के सात अजूबे आज भी बहुत से ऐसे लोग हैं जो Seven Wonders of the World के बारे में नहीं जानते हैं इसलिए आज हम आपको फोटो के साथ इसी विषय के बारे में बताने जा रहे हैं।

आपको बता दें कि प्राचीन काल से ही Duniya Ke Saat Ajoobe का चयन किया जा रहा है। ऐसा माना जाता है कि अजूबे को चुनने का पहला विचार 2200 साल पहले हेरोडोटस और कलिमचुस को आया था, उन्होंने सबसे पहले अजूबों की सूची तैयार की, इनमें दुनिया के 7 अजूबे शामिल थे।

हालाँकि, उनके द्वारा चुने गए अजूबे अब नष्ट हो चुके हैं, इसलिए अब नए अजूबों को चुनने का विचार किया गया। कुछ इंजीनियरों और शोधकर्ताओं ने नए अजूबों की सूची तैयार की थी लेकिन इसे दुनिया ने मंजूरी नहीं दी थी।

क्या आप भी जानते हैं दुनिया के सात अजूबे क्या हैं? और उन्हें चमत्कार क्यों कहा जाता है? अगर आप नहीं जानते हैं तो कोई बात नहीं, आज की इस पोस्ट में मैं आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दूंगा।

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दुनिया के सात अजूबे कैसे चुने गए?

फाउंडेशन स्विट्जरलैंड में बनाया गया था और फिर इस फाउंडेशन के लिए एक वेबसाइट बनाई गई थी। जिसकी मदद से 10 करोड़ से ज्यादा लोगों ने अपने फोन से इसके लिए वोट किया। और फिर इसका रिजल्ट साल 2007 में आया।

आप समझ सकते हैं कि दुनिया के इन सात अजूबों को चुनने में लोगों ने वोटिंग का सहारा लिया. या आप ऐसा भी मान सकते हैं। कि उन्हें दुनिया के लोगों ने वोटिंग के जरिए चुना था।

दुनिया के सात अजूबे कौन-कौन से हैं?

दुनिया के सात अजूबों को प्राचीन काल से चुना जा रहा है। लेकिन प्राचीन काल में चुने गए अजूबे अब नष्ट हो गए हैं। वर्तमान दुनिया के 7 अजूबे को चुनने के लिए एक विशेष प्रक्रिया का उपयोग किया गया था।

  1. चीन की दीवार
  2. ताजमहल
  3. पेट्रा
  4. क्राइस्ट रिडीमर
  5. माचू पिच्चु
  6. कोलोज़ीयम
  7. चिचेन इत्जा

1. चीन की दीवार (Great Wall of China)

चीन की दीवार को उत्तरी आक्रमणकारियों से बचाने के लिए विभिन्न राज्यों के कई शासकों द्वारा बनवाया गया था, जिसे बाद में धीरे-धीरे जोड़ा गया, यह दीवार इतनी बड़ी है कि इसे अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता है, इस दीवार को 7वीं शताब्दी से बनाया गया था। यह १६वीं शताब्दी तक चला।

यह दीवार पूर्वी चीन से पश्चिम चीन तक फैली हुई है, इसकी लंबाई करीब 6400 किमी है, जबकि इसकी ऊंचाई करीब 35 फीट है। वहीं अगर इसकी चौड़ाई की बात करें तो इस दीवार पर एक साथ 10 लोग आराम से चल सकते हैं। उस समय इस दीवार को बनाने में मिट्टी, पत्थर, लकड़ी, ईंट आदि का प्रयोग किया जाता था। माना जाता है कि इस दीवार के निर्माण में करीब 20 से 30 लाख लोगों ने अपनी जान लगा दी थी।

2. ताजमहल (Taj Mahal, India)

भारत के आगरा में स्थित ताजमहल भी दुनिया के सात अजूबों में से एक है। आपको बता दें कि इस ताजमहल को मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज की याद में बनवाया था। खूबसूरत कलाकृति का नमूना ताजमहल 1632 में बनाया गया था।

इसे बनाने में करीब 15 साल का समय लगा। इस ताजमहल को बनाने के लिए शाहजहाँ ने दुनिया भर से सफेद संगमरमर का पत्थर मंगवाया था। सफेद संगमरमर से बना ताजमहल पूरी तरह से सफेद है और इसके चारों ओर एक बगीचा है। इसे देखने के लिए दुनिया भर से पर्यटक आते रहते हैं।

3. पेट्रा Petra (Jordan)

पेट्रा जॉर्डन के मान प्रांत में स्थित एक ऐतिहासिक शहर है, जो अपनी बड़ी चट्टानों और पत्थर की नक्काशीदार इमारतों के लिए जाना जाता है। इस शहर में आपको पत्थर को तराश कर एक से बढ़कर एक इमारतें देखने को मिलेंगी।

ऐसा माना जाता है कि इसका निर्माण कार्य लगभग 1200 ईसा पूर्व शुरू हुआ था। आज के समय की बात करें तो आज यह शहर एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के रूप में जाना जाता है। पेट्रा को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर होने का दर्जा प्राप्त है, साथ ही यह शहर विश्व के सात अजूबों में भी शामिल है।

4. Christ the Redeemer (क्राइस्ट द रिडीमर)

यह ब्राजील के “रियो डी जनेरियो” में स्थापित जीसस क्राइस्ट की एक मूर्ति है, जो दुनिया की सबसे ऊंची मूर्तियों में से एक है। यह मूर्ति तिजुका वन राष्ट्रीय उद्यान में कोरकोवाडो पर्वत की चोटी पर स्थित है। आपको बता दें कि इस मूर्ति का आधार 31 फीट है, जो मिलकर इसकी कुल ऊंचाई 130 फीट बनाता है जबकि इसकी चौड़ाई 98 फीट है।

इसका वजन करीब 635 टन है। ऐसा माना जाता है कि इसका निर्माण 1922 और 1931 के बीच हुआ था। मजबूत कंक्रीट और सोपस्टोन से बनी इस प्रतिमा को ब्राजील के सिल्वा कोस्टा ने डिजाइन किया था। इसे महान फ्रांसीसी मूर्तिकार लेंडोव्स्की ने तैयार किया था।

5. Machu Picchu (माचू पिच्चू)

दुनिया के अजूबों में शामिल माचू पिच्चू दक्षिण अमेरिकी देश पेरू में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है, जहां पूर्व-कोलंबस युग, इंका सभ्यता हुआ करती थी। इस ऐतिहासिक स्थान की समुद्र तल से ऊंचाई 2430 मीटर है, अब यह सोचने वाली बात है कि इतनी ऊंचाई पर लोग कैसे रहते थे। यह साइट कुस्को से 80 किलोमीटर (50 मील) उत्तर पश्चिम में स्थित है।

शोधकर्ताओं के अनुसार ऐसा माना जाता है कि इसे राजा पचकुटी ने 1400 के आसपास बनवाया था। हालांकि, बाद में इस जगह को स्पेन ने जीत लिया और इसे जस का तस छोड़ दिया, जिसके बाद यहां की सभ्यता धीरे-धीरे नष्ट हो गई। लेकिन 1911 में इसकी खोज अमेरिकी इतिहासकार हीराम बिंघम ने की और इस ऐतिहासिक स्थल को दुनिया के सामने लाया गया।

6. कोलोज़ीयम The Roman Colosseum (Rome)

यह इटली के रोम शहर के बीचोबीच बना एक विशाल स्टेडियम है, जहां प्राचीन काल में जानवरों की लड़ाई, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि होते थे। इसका निर्माण तत्कालीन शासक वेस्पियन ने 70वीं – 72वीं ईस्वी के बीच शुरू किया था और इसे सम्राट टाइटस ने 80वीं ईस्वी में पूरा किया था।

यह दुनिया के सबसे पुराने आर्किटेक्चर में से एक है। हालांकि प्राकृतिक आपदाओं और भूकंपों के कारण यह थोड़ा नष्ट हो गया है, लेकिन आज भी इसकी विशालता जस की तस बनी हुई है। प्राचीन समय में इस स्टेडियम में 50 हजार से 80 हजार लोग एक साथ बैठ सकते थे। यह स्टेडियम कंक्रीट और रेत से बना है। अपनी विशालता के कारण यह दुनिया के सात अजूबों में शामिल है।

7. चीचेन इट्ज़ा (Chichen Itza)

चीचेन इट्ज़ा (Chichen Itza)

चिचेन इट्ज़ा मेक्सिको में एक प्राचीन और विश्व प्रसिद्ध माया मंदिर है जिसे 600 ईसा पूर्व में बनाया गया था। आपको बता दें कि यह मंदिर 5 किमी के दायरे में फैला हुआ है, यह मंदिर एक पिरामिड के आकार का है, जिसकी ऊंचाई 79 फीट है, ऊपर जाने के लिए इसके चारों ओर सीढ़ियां बनाई गई हैं, इसमें हर दिशा में 91 सीढ़ियां हैं , इस प्रकार कुल मिलाकर इसमें 365 चरण हैं। जो साल के 365 दिनों का प्रतीक है। चिचेन इट्ज़ा माया का सबसे बड़ा शहर है, इसकी जनसंख्या भी बहुत अधिक है।

आपने क्या सिखा?

Duniya Ke Saat Ajoobe: दुनिया के सात अजूबे यानी दुनिया को दुनिया के सात अजूबों के बारे में हिंदी में तो पता ही होगा. यहां हमने उनकी तस्वीरें भी शेयर की हैं, जिससे आपको उनके बारे में थोड़ी बहुत जानकारी हो गई होगी.

यह हमारे लिए बड़े गर्व की बात है कि हमारे देश का ताजमहल भी दुनिया के सात अजूबों में शामिल है। दुनिया के इन 7 अजूबों को हर कोई देखना चाहता है, लेकिन हर कोई अपनी आर्थिक स्थिति के कारण इन्हें नहीं देख पाता है, हालांकि हर कोई अपने देश में स्थित अजूबों को देख सकता है।

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