झींगा पालन की आधुनिक तकनीक

क्या आप भी झींगा पालन के बारे में झींगा पालन पर निबंध की जानकारी खोज रहे हैं ? आइये जानते है Prawn Farming का Business कैसे करे, इनमे लगने वाली Disease, Food, Investment, Profit Margin के बारे में। Prawn को हिंदी में झींगा कहा जाता है।

ये एक प्रकार का मछली है, जिसका India और कई Countries में काफी Demand है। भारत के अलावे झींगा की मांग United Kingdom, Japan, United States के साथ साथ राष्ट्रमंडल देशों में व्यापक पैमाने पर किया जाता है।

Prawn Farming in Hindi

मछली पालन उद्योग में झींगा का अपना अलग महत्व है। विदेशो में लोग झींगा को रोजाना के Diet में लेना काफी पसंद करते है। झींगा के दीवाने शिर्फ़ विदेशो में ही नहीं सिमित है, अपने देश में भी कई ऐसे लोग है जो झींगा के शौकीन है।

कई लोग तो इसे Fry कर के खाते है तो कई इसका अन्य प्रकार से भी इस्तेमाल करते है।

झींगा पालन की आधुनिक तकनीक: झींगा पालन किस प्रकार करें?

अगर आपके पास थोड़ी सी पूंजी और बड़ी जमीन हो तो झींगा पालन का बिज़नेस कर के लाखों कमाया जा सकता है। जरुरत है केवल झींगा पालन से जुडी सही जानकारी और कड़ी मेहनत की। तो चलिए जानते है आखिर कैसे किया जाता है झींगा मछली का व्यापार।

झींगा मछली पालन के फायदे

झींगा शिर्फ़ Business क्षेत्र में ही लाभदायक नहीं है, बल्कि इसमें कई मिनरल्स पाए जाते है, जो हमारे शरिर में मौजूद कई प्रकार के बीमारियों को हमारे शरिर से दूर करता है, और हमे निरोग बनाता है। झींगा में कई प्रकार के मिनरल्स पाए जाते है जो इस प्रकार है।

  • Selenium
  • Fatty Acids
  • Proteins
  • Calories

झींगा में इन सारे पोषक तत्व की मौजूदगी के कारण ये हमारे शरिर के लिए काफी लाभदायक है। झींगा हमारे कई सारे रोगों से भी हमे बचाता है और हमे स्वस्थ रहने में हमारी मदद करता है।

  • झींगे Selenium का अच्छा स्रोत है। इसमें मौजूद Selenium हमारे शरीर में कैंसर कोशिकाओं के होने वाले विकास को रोकता है और हमे कैंसर जैसे रोज से दूर रहने में हमारी मदद करता है।
  • झींग में Fatty Acids की मात्रा व्यापक है जो हमारे दिल को साफ रखने में काफी मददगार शाबित होता है।
  • झींगा Calcium का अच्छा श्रोत है, इसके इस्तेमाल से हमारे हड्डियाँ मजबूत होते है।
  • Vitamin E की झींगे में मोजुदगी के कारण ये हमारे त्वचा के निखार को बनाए रखता है और हमे त्वचा संबंधित बीमारियों से दूर रखता है।
  • Vitamin B 12 हमारे शरिर में मौजूद धमनिया और नसों को व्यवस्थित रखता है, जो झींगा में व्यापक स्तर पर मौजूद होता है।
  • झींगा में Calories की मात्रा बहुत कम है जिस वजह से हमारे शरिर के वजन को संतुलित रखता है।

झींगा मछली पालन कैसे करे? Start Prawn Farming

Prawn Farming भारत में Business के क्षेत्र में आजकल काफी लोकप्रिय है। लोग इसका व्यवसाय करना काफी पसंद करते है। आज के दौर में व्यापार के क्षेत्र में Prawn Farming काफी लाभदायक है, और इसका विकास भारत में बड़े जोरो से हो रहा है।

आज लोगो द्वारा झींगा के प्रति बढ़ रहे पसंद को देखते हुए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग द्वारा इसकी माँग बढ़ गई है, जिस वजह से झींगा का Business में और विकास देखने को पाया जा रहा है।

इन सभी बातो के अलावा झींगा पालन अन्य खेती के साथ शामिल कर सकते है, जैसे मछली पालन, बतख पालन आदि। इस कारण से आज युवाओ में इसका Craze बहुत ज्यादा बढ़ गया है। अगर आप Prawn Farming करना चाहते है तो इसके लिए ये आवश्यक नहीं है की आपके पास बड़ा तालाब हो।

अगर आपके पास बड़ा तालाब नहीं तो आप इसे कम स्थानों में तालाब खुदवाकर या हौदे का निर्माण करवा कर Parwn Farming कर सकते है, परन्तु हौदे में Farming करने से ज्यादा अच्छा तालाब में Farming करना है।

यदि आपके पास एक बड़ी भूमि नहीं है, तो आप 1,500 वर्ग फुट में झींगा मछली का पालन कर सकते हैं। इसके लिए, आपको जमीन पर एक छोटा तालाब बनाना होगा, जो 8 से 8 फीट का होगा और गहराई 4 से 5 फीट होगी। यह जिंगा का व्यवसाय शुरू करने का सबसे अच्छा तरीका है और वह भी कम पूंजी में।

पैसा कितना खर्च होता है?

Prawn Farming कम पूंजी में अच्छे फायदा देने वाला Profitable Business में से एक है। अगर आपके पास 1 एकड़ का तालाब है तो आप इसमें Rs 60,000-70,000 के लागत के साथ अपना Business Start कर सकते है। झींगा 8-9 महीने में तैयार हो जाता है।

इसके तैयार होने पर आप झींगे को बाजार में बेच सकते है, जिसका आपको आसानी से बाजार में 1 Kg का Rs 300 से 500 तक का मूल्य मिल जायेगा, और इससे आप अच्छा मुनाफा कमा सकते है।

Niche Di Gayi Calculation

Material  Price
Prawn Shed Rs 15,000
Food Rs 5,000
Fertilizer Rs 5,000
Preparation of pound one time (100 feet) Rs 30,000
Miscellaneous Rs 20,000
Total Expenses Rs 75,000

साइट आवश्यकताएँ

अगर आप इस Business को करना चाहते है तो आपको सबसे पहले आपको इसके लिए जमीन की आवश्यकता होगी। अपने Site का निर्धारण करने से पूर्व हमे इन बातो पे ध्यान देना चाहिए की उस जमीन पर पानी का उपलब्धता कैसे है।

इसके अलावे आपको यह ध्यान देना होता की आपके फार्म के Site से शहर की दुरी कितनी है।अगर आप शहर से ज्यादा दुरी पर अपना फार्म बनाते है तो आपका Profit Products को बाजार तक पहुचने में ही चला जाएगा।

परिवहन के साधन कैसे है, अर्थात Site तक गाड़ी आने जाने के लिए सड़क की व्यवस्था कैसी है, Transporting की सुविधा है की नहीं।

आधारिक संरचना

Prawn Farming के अंतर्गत कुछ चीज ऐसे है जिसके बिना Prawn Farming Start करना मुस्किल ही नहीं नामुमकिन हो जाता है। इसलिए इस Business को Start करने से पहले निम्न आवश्यक सामग्री का इन्तेजाम कर ले, जिससे आपको अपने Farming Business में किसी प्रकार का रुकावट न हो।

  • तालाब जहाँ पर आप झींगा मछली को रखेंगे
  • तालाब के लिए स्वच्छ पानी
  • जाल झींगे को पकड़ने के लियें
  • कुदाल
  • मजदुर (Man Power)
  • परिवहन का साधन (उत्पाद को बाजार तक ले जाने के लिए)
  • Prawn के लिए खाद्य सामग्री
  • Prawn के स्वस्थ देख रेख के लिए कुशल विशेषज्ञ

झींगा मछली पालन के लिए तालाब की तैयारी

Prawn Farming के लिए सबसे पहले एक तालाब निर्माण की अति आवश्यकता होती है, तालाब का निर्माण करते वख्त आपको इस बात का ध्यान रखना होता ही की तालाब की गहराई कम से कम 2-3 Feet का हो और तालाब का आकर चौकोर हो।

तालाब का निचली सतह अच्छी तहर से साफ़ हो और मिट्टी का Ph मान 7-8 हो। तालाब के सतह पर चुने का छिडकाव करे, चुना झींगो में होने वाले बीमारियों को रोकता है। चुने के साथ गाय के गोबर भी आप तालाब में डाल सकते है, ये तालाब में प्रजनन क्षमता को बढाता है और जलिए पौधो को बढ़ने में मददगार साबित होता है।

अब तालाब में स्वच्छ पानी डाले और इसे 10 दिनों तक छोड़ दे, जिससे तालाब में जलिए जीव का विकास हो सके।

नस्लों का चयन

Prawn Farming से पहले आपको इस बात का सुनिश्चित कर लेना चाहिए की प्रयाप्त जलवायु के हिसाब से किस Breed की Farming अत्यधिक लाभप्रद होगा। इसके साथ ही उन Breeds का चयन करना चाहिए जो नियुनतम निवेश पर अधिकतम फायदा दे।

जल उपचार

झिंगो के स्वस्थ उत्पादन के लिए पानी का उपचार अति आवश्यक है। पहले पानी में पाए जाने वाले तत्व का निरिक्षण करे, उसके बाद पानी में जरुरी तत्वों को कैसे पूरा करे इस विषय पर जानकारी ले और इसमें उचित उपचार करे। इन सभी बातो के साथ ही इस बात पर विशेष ध्यान दे की पानी में पाए जाने वाले तत्व की मात्रा निम्न प्रकार हो।

Material Level
Temperature 25-32°C
Salinity 0-10 ppt
Total hardness 30-150 ppm
Transparency 25-40 cm
Alkalinity 20-60 ppm
Ammonia (ionized) Less than 03   ppm
Nitrite Less than 20 ppm
Nitrate Less than 10   ppm
Oxygen 3-7 ppm
Free Carbon di-oxide Less than 08  ppm

झींगा का विकास

झींगे के लार्वा का निर्माण कार्य के साथ इनके बेहतर विकास के लिए कम से कम एक महीने तक Hatchery में कुशल विशेषज्ञ के निरिक्षण में रहने दे। जब झींगा पुरे एक महीने के हो जाए और इसका प्रारंभिक विकास स्तर सही हो तो आप इसे तालाब में डाल सकते है।

30 M चौड़ा, 50 M लम्बा और 2 Feet गहरे तालाब में आप कम से कम 3,000 Prawns डाल सकते है। इसके स्वस्थ उत्पादन के लिए आप इसे रोजाना दिन में 2-3 बार खाना देना दे, और इसके उचित Growth के लिए पर्याप्त मात्रा में Oxygen और भोजन दे।

झींगे के विकास में Oxygen अहम् भूमिका निभाती है इसलिए तालाब के पानी में मौजूद Oxygen Level का बराबर परीक्षण करते रहना चाहिए।

झींगा के लिए आहार

झींगा के पोष्टिक आहार हेतु कई प्रकार के चारा बाजार में उपलब्ध है, जो काफी महंगा है जिस कारण किसान पैसे के अभाव में इसे इसे खरीदने में असमर्थ होते। इसलिए झींगा को पोष्टिक आहार के लिए आपको घबराना नहीं है।

आप झिंगो का पोष्टिक आहार आम तौर पर अपने घर पर तैयार कर सकते है, इसके लिए जानवर के द्वारा छोड़े गये भोजन के साथ सब्जियों के West Particle का आप इस्तेमाल कर उन्हें चारा के रूप में दे सकते है।

इसके अलावे आप कभी कभी गाय का गोबर भी दे सकते हैं।

Protein की जरुरत को पूरा करने के लिए आप मक्का और बादाम भी दे सकते हैं।

दिन में इन्हें 2 से 3 बार ही खाना दे।

रोग का उपचार

बाकि सभी जीवो के प्रकार झिंगो में भी बीमारी पाए जाते है। झिंगो में प्रायः Virus Effected Disease ज्यादा देखने को पाया जाता है। जैसे

  • Wssv (White Spot Syndrome Virus)
  • Tsv (Taura Syndrome Virus)
  • Yhdv (Yellowhead Disease Virus)
  • Ihhnv (Infectious Hypodermal And Haematopoietic Necrosis Virus)
  • Vibrio Harveyi

इन सभी बीमारियों से रोकथाम का एक मात्रा इलाज है, की तालाब के पानी का गुणवत्ता को बनाए रखे। झींगे का स्वस्थ विकास के लिए हमे पानी में आवश्यक गुणवत्ता को बनाए रखना चाहिए।

औसतन, एक झींगा मछली का वजन 40 से 70 ग्राम होता है।

अगर वैज्ञानिक तरीके से झिंगा का फ़ार्मिंग किया जाये तो रूपये 70,000 लगा कर आसानी से रस 2 से 3 लाख कमाया जा सकता है और शुद्ध लाभ कम से कम 1.5 से 2 लाख होगा।

अगर आपके पास 1 एकड़ की प्लाट हो और उस पर झींगा पालन किया जाये तो रूपये 5-7 लाख तक कमाया जा सकता है।

निष्कर्ष:

जी हाँ दोस्तों आपको आज की पोस्ट कैसी लगी, आज हमने आपको बताया कि Jhinga Ki Farming Kaise Kare और Jhinga Paalan Kaise Karte Hai बहुत ही आसान शब्दों में हमने भी आज की पोस्ट में सीखा।

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झींगा पालन की आधुनिक तकनीक आज मैंने इस पोस्ट में सीखा। आपको इस पोस्ट की जानकारी अपने दोस्तों को भी देनी चाहिए। तथा Social Media पर भी यह पोस्ट ज़रुर Share करे। इसके अलावा, कई लोग इस जानकारी तक पहुंच सकते हैं।

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Vikas Sahu
मैं एक पेशेवर ब्लॉगर हूँ, इस ब्लॉग पर आप उन लेखों को पढ़ेंगे जिनसे आप अपना करियर और पैसा दोनों ऑनलाइन ब ना सकते हैं.. read more

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