Self Study कैसे करें? सेल्फ स्टडी के फायदे क्या है

आज हम आपके लिए एक ऐसा लेख लेकर आये है जिसमे Tips of Self Study Learning मतलब भी स्वाध्याय के बारे में चर्चा करेंगे जिसमे हम आपको बताने वाले है की Self-Study (स्वाध्याय) की मदद से आप बिना किसी कोचिंग, विद्यालय या कॉलेज के बिना खुद से पढाई कर सकते है, क्योंकि आज के समय में अधिकतर छात्र-छात्रों की यहीं विचारधारा रहती है की उनके कोचिंग, विद्यालय या कॉलेज में अच्छी शिक्षा नहीं दी जाती जिस वजह से वो अच्छे से अध्यन नहीं कर पाते।

Best Methods of Self Study for Students
Best Methods of Self Study for Students

स्व-अध्ययन मतलब की Self Study, जिसमे बिना विद्यालय या कॉलेज के आप अच्छी शिक्षा और उसका अध्यन कर सकते है और यह शिकने का एक मूल्यवान तरीका भी है जिसमे माता-पिता और छात्रों के बीच लोकप्रियता और पढाई में सुधार देखने को मिला है, घर में स्वय-शिक्षा करके अध्ययन के साथ औपचारिक शिक्षा को पूरक करके, छात्र ग्रेड, सामग्री समझ और आत्मविश्वास में काफी सुधार देख सकते हैं।

आज के इस लेख में हम Self Study in Hindi को समझेंगे और स्वय-अध्ययन बहुत सारी विधियां हैं जिन्हें आप घर पर लागू कर सकते हैं जिसके साथ आप स्कूली शिल्षा के साथ-साथ खुद को Self Study में भी Prepare करके अच्छे अंक प्राप्त कर सकते है, तो सबसे पहले जानते है की स्व-अध्ययन मतलब की Self Study Learning क्या है और यह हमारे लिए किस तरह से फायदेमद साबित हो सकती है।

Self Study Kya Hai? सेल्फ स्टडी क्या होती है

स्व-अध्ययन एक शिक्षण पद्धति है जहाँ आप बिना विद्यालय या कॉलेज के बिना खुद से पढाई कर सकते है और मतलब की आप बिना किसी निवेश के खुद का ज्ञान बढ़ने की कोशीश करते है, स्वाध्याय का मतलब है की खुद को पढाना और आपको पता ही है की खुद को शिक्षा देना कितना लाभदायक होता है, इसलिए कई छात्रों के लिए आत्म-अध्ययन बहुत मूल्यवान तरीका हो सकता है।

स्व-अध्ययन और पारंपरिक कक्षा सीखने का उपयोग एक साथ किया जा सकता है ताकि आपके बच्चे उस जानकारी को और भी बेहतर ढंग से जाने और उसके बारे में खुद से विचार करें, इन तरीकों से छात्रों को बेहतर जानकारी हासिल करने और बनाए रखने में मदद मिलती है, इससे बूस्ट कॉम्प्रिहेंशन, ग्रेड और मोटिवेशन में मदद मिलती है।

स्वय-अध्ययन एक बहुत एक शानदार तरीका है जिससे हम सिखने के साथ-साथ अपने अनुभव को भी बाधा सकते है चाहे वो आपकी कक्षा का पाठ्यक्रम हो या फिर मौज-मस्ती के विषय के बारे में सीख रहे हों।

Self Study का एक बड़ा फायदा यह है कि छात्र अपने स्वयं के सीखने पर नियंत्रण कर सकते हैं। और जब छात्रों का नियंत्रण होता है, तो वे सीखने में और भी अधिक रुचि रखते हैं और उन्हें हर चीज़ को सिखने के प्रति उनकी लगन और भी गहरी हो जाती है और खुद से सीखी चीज़ को भूलना भी इतना आसन नहीं होता जितना हम किसी दुसरे की मदद से अध्ययन करते है।

Self Study Ke Fayde (सेल्फ स्टडी करने के फायदे)

Students Learn More Effectively

विद्यार्थी अपने दम पर एक विषय पर खुद खोज कर सकते है और उसके बारे में जानकारी संलग्न करता है, जिसे उस विषय के बारे में उससे और भी अधिक गजरे में सिखने और सोचने और उनके बीच में संबंध बनाने में मदद होती है। और इससे छात्र उत्साहित होकर जो भी सीखता और समझता है उससे बेहतर ढंग से याद रख सकता है।

स्व-अध्ययन भी आपके बच्चे को नए विषयों का पता लगाने या चुनौतीपूर्ण स्कूलवर्क से निपटने के लिए उपयोग कर सकने वाले Study kills का निर्माण करने में मदद करता है।

Students Discover More About Topics

सेल्फ-स्टडी में आपका बच्चा जिस विषय के बारे में रुचि रखता है, उस विषय पर नई जानकारी की खोज करें जो वो स्कूल में पढाया नहीं जाता और वो उन विषयों के बारे में भी सोच और सिख सकता है जिसके बारे में उसके पाठ्यक्रम में भी शामिल नहीं है जिससे आप उस विषय से उभर सकते है।

It Can Boost Students’ Self-Esteem

जैसे-जैसे आपका बच्चा कुछ न्य और उससे गहराई तक सीखता है तो उसकी सिखने की समता में भी वृद्धि होती है और उससे छात्र अधिक आत्म-अध्ययन करते हैं, कई अधिक आत्मविश्वास वाले शिक्षार्थी बन जाते हैं। वे खुद को एक स्वतंत्र व्यक्ति के रूप में देखने में सक्षम हैं जो किसी की मदद के बिना नई चीजें सीखने में सक्षम है। यह छात्रों के लिए एक प्रमुख प्रेरणा हो सकता है।

Students Can Learn at Own Pace

इसमें आपके बच्चे पर कोई जोर-जबरदस्ती नहीं होगी वो अपनी गति से पढाई करेगा जबकि स्कूल में उससे पढ़ने पर जोर दिया जाता है जिससे वो परेशान और उब जाता है, इससे आपका बच्चा उन चीजों को बेहतर ढंग से सिखने में सक्षम होगा जिसमे वो बेहतर है जिसमे आपके बच्चे की रूचि है उस चीज़ को वो और भी बेहतर रूप से पढ़ेगा और उससे कभी नहीं भूलेगा।

No Age of Self Study

आप अक्सर सुनते आये है की “सिखने की कोई उम्र नहीं होती” और यह बात यहाँ लागू होती है क्योंकि आप सेल्फ स्टडी करके किसी भी उम्र में कुछ भी सिख सकते है यहीं तो Self Study Ke Fayde है और यह उतनी खर्चीली नहीं है जितना आप किसी अध्यापक की मदद से सीखते है।

Self Study Tips in Hindi? Self Study Kaise Kare

सेल्फ स्टडी के कोन-कोनसे टिप्स है जिससे आप खुद सेल्फ स्टडी कर सकते है और अपने बच्चे की किस तरह से मदद कर सकते है उसकी सेल्फ स्टडी में, यह बहुत जरुरी है क्योंकि आपको पता होना जरुरी है की आप अपने बच्चे की किस तरह से मदद करके उसकी सेल्फ स्टडी करवा सकते है, जिससे आपके बच्चे का मन स्वय-अध्ययन में लगा रहेगा।

Find Resources on The Topic

अपने बच्चे को सेल्फ स्टडी में प्रभावी बनाने के लिए उन्हें ऐसे विषयों के बारे में बताये जिससे उससे अधिक जानकारी मिले और उस विषयों के बारे में उनसे हमेशा विचार-विमर्श करे जिससे उससे नई अवधारणाओं के बारे में सिखने समझने और ज्ञान बढ़ाने के लिए किताबें, लेख और शैक्षिक वीडियो से जोड़े रखे।

Talk About What Your Child is Learning

अपने बच्चे को कुछ नया सिखाने के लिए यह शानदार तरीका है जिसके लिए आपका बच्चा जिस बारे में सिख रहा है उस्सी विषय के बारे में उससे चर्चा करे और उससे सवाल पूछे जिससे आपके बच्चे का उत्साह बढेगा और वो जो कुछ भी सिख रहा है उसके बारे में और भी गहराई से सिखने की कोशिस करेगा, इसके लिए उस विषय पर अपने बच्चे से कुछ विचार ले और अपने भी विचार उनके साथ सांझा करें।

Use Different Study Methods

हर एक छात्र के पास पढने का एक अलग तरीका होता है और वो उससे तरीके से पढना पसंद करता है और स्व-अध्ययन की यहीं एक महान बात है की आपका बच्चा वह चुन सकता है जो उससे पसंद है इसके लिए आप अपने बच्चे को विभिन्न अध्ययन तकनीकों के बारे में बता सकते है जो उसके लिए लाभदायक होती है जैसे इन्टरनेट से पढना, वीडियोस देखना और माइंड मैप बनाकर पढाई करना इत्यादि।

Have The Required Tools

खुद को पढाई के लिए कैसे तेयार करे यह बहुत ही बड़ा रहस्य है एक Self Study करने वाले के लिए, क्योंकि आप सुनिश्चित करे की आपके बच्चे के पास पढाई करने क्र वप उपकरण हो जो प्रत्येक सेल्फ-स्टडी करने वाले छात्र के पास होने जरुरी होते है, तो हम आपको बताते है की कोन-कोनसे उपकरण लाभदायक होगे आपके बच्चे को स्वय-अध्ययन करवाने के लिए:

  • एक अध्ययन क्षेत्र – एक डेस्क या टेबल के रूप में, विचलित और अव्यवस्था से मुक्त जहा उससे बार-बार कोई परेशान नहीं करें।
  • क्प्म्पुटर और लैपटॉप – आपका बच्चा ऑनलाइन संसाधनों को पढ़ सकता है, देख सकता है और सुन सकता है।
  • अध्ययन उपकरण – हाइलाइटर्स, रंगीन पेन और स्टिकी नोट्स उपयोगी उपकरण हैं। ताकि आपका बच्चा संगठित अध्ययन नोट्स बना सके।

मुझे उम्मीद है आपको Self Study के बारे में हिंदी में जानकारी जिसमे हमने आपको बताया की Self Study क्या है और इसके फायदे क्या होते है और कोन-कोनसे उपकरण का उपयोग करके आप स्व-अध्ययन कर सकते है, अगर आप अपने बच्चे को Self Study की और लेकर जाना चाहते है तो हमारे इस लेख में बताई गयी जानकारी को अपने जीवन में अपनाये आपको जरुर फायदा होगा।

 

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Vikas Sahu
मैं एक पेशेवर ब्लॉगर हूँ, इस ब्लॉग पर आप उन लेखों को पढ़ेंगे जिनसे आप अपना करियर और पैसा दोनों ऑनलाइन ब ना सकते हैं.. read more

One comment

  1. Nice information

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